“अब हम पापा को थोड़ा कम ही भाते हैं…”
मेरी बिटिया रानी, शायद मुझसे कुछ कहना चाहती है...
अब हम पापा को थोड़ा कम ही भाते हैं,
आजकल वो अपना सारा प्यार "अभी" पर ही लुटाते हैं...
अब हम पापा को थोड़ा कम ही भाते हैं…
चाहे सुबह हो या शाम,
हर वक्त "अभी" के साथ ही नज़र आते,
अब हम पापा को थोड़ा कम ही भाते हैं…
जो मस्ती मेरे साथ करते थे कभी,
आजकल "अभी" के साथ दोहराते है,
अब हम पापा को थोड़ा कम ही भाते हैं…
पहले मुझे ढेरों कहानी सुनाते थे,
अब तो बहुत कम ही बतलाते हैं,
अब हम पापा को थोड़ा कम ही भाते हैं…
मेरी हर नादानी पर मुस्कुराते थे,
अब मुझे बड़ों की तरह समझाते हैं,
अब हम पापा को थोड़ा कम ही भाते हैं…
उन संग खेलने को, उनकी लोरी सुनने को,
अब हम तरस जाते हैं,
अब हम पापा को थोड़ा कम ही भाते हैं…
*हेम_राज*
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