फ्रेंडशिप बैंड वाली सहेली... (Friendship Band wali Saheli...)
एडमिशन ले तो लिया था उस स्कूल में , जिसकी गलियां मेरे लिए नई नवेली थी... ऊंची ऊंची बिल्डिंग , बहुत सारे कमरे , मानो पुराने जमाने की कोई हवेली थी... हां उस दिन मैंने उसे पहली बार देखा , उस दिन बड़ी मुश्किल से वो कक्षा झेली थी... मेरे घर के पास ही रहती थी एक लड़की , जो उसकी बहुत अच्छी सहेली थी... जब उस लड़की से पूछा, क्या वो मेरी उससे दोस्ती करवाएगी ..? उसने बिन पूछे ही ना कर दी , एक बार तो मानो मेरी जान ले ली थी... 01 साल यूहीं गुजर गया... अब कैसे कहता हाल-ए-दिल उसे , कैसे करता उससे बात , ये सब मेरे लिए एक मुश्किल पहेली थी... फिर मैंने ही हिम्मत करके उसे बतानी चाही दिल की बात , हां उस दिन , जब वो क्लास में बिल्कुल अकेली थी... फ्रेंडशिप डे का दिन था... मैंने पूछा मुझसे दोस्ती करोगे , आपके लिए फ्रेंडशिप बैंड लाया हूं , उसने पल भर में , बिना सोचे आगे कर दी अपनी हथेली थी... जब तक रहे उस स्कूल में, उस फ्रेंडशिप बैंड को बांध कर, वो आती स्कूल डैली थी... हां वो मेरी फ्रेंडशिप बैंड वाली सहेली थ...