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हां, मैं जब भी तेरा नाम लेता हूं... (Haan, mein jab bhi tera naam leta hun...)

मैं, अक्सर दिल को थाम लेता हूं , हां , मैं जब भी तेरा नाम लेता हूं...   मैं, रोज़ तेरी गलियों से गुजरता हूँ, कोई पुछे तो तेरे दर को, अपना मंदिर-धाम कहता हूँ,   हां , मैं जब भी तेरा नाम लेता हूं...   तुझे सोच कर ही, धड़कन तेज हो जाती है, फिर थोड़ा दिल को विश्राम देता हूँ,   हां , मैं जब भी तेरा नाम लेता हूं...   जितना सोचू तुझे, उतना तुझे चाहूं, मैं, अपनी हसरतों को बंदिश नाकाम देता हूँ,  हां , मैं जब भी तेरा नाम लेता हूं...   कोई पूछे जो तेरे बारे में , बड़ी होशियारी से काम लेता हूं , हां , मैं जब भी तेरा नाम लेता हूं...     * हेम _ राज*