Posts

Showing posts from August, 2025

“हमारे अफसाने” "Humare Afsane"

  हमारे अफसाने , हमारे बाद , बेशक मिलेगे , तुम्हें इन जहांनों में मिलेंगे।   कुछ मिलेंगे तुम्हे , अपनों में , कुछ गैरो में , अनजानों में मिलेंगे ।   कुछ फूल मिलेंगे कॉपी में उसकी , कुछ फूल तुम्हे , फूलदानों में मिलेंगे।   कुछ झुमके , बाली घर में रखे हैं , उसकी पसन्द के , उसके कानों में मिलेंगे।   कुछ तोह‌फे मिलेंगे घर में उसके , जो ना ले पाए , वो दुकानों में मिलेंगे।   जो कबुतर उड़ाये थे उसके घर को , वो उड़ते हुए , आसमानों में मिलेंगे।   जहां कभी मिलते थे , बैठते थे , हमारे निशां , तुम्हे उन बागानों में मिलेंगे।   मेरे शैर और शायरी कहां ढूंढोगे , मेरे बाद तुम्हें , ये मेरे गानों में मिलेंगे।   हमारे अफसाने , ह‌मारे बाद , बेशक मिलेंगे , तुम्हें इन जहांनों में मिलेंगे।   * हेम _ राज*

“तुमसे है” Tumse Hai...

  ईश्क पर हमें , गुरुरु , तुमसे है।   चेहरे पर मेरे , नूर , तुमसे है।   हम भी जहां में , मशहूर , तुमसे है।   छाया ये प्यार का , सुरूर , तुमसे है।   ये दिल मेरा , भरपूर , तुमसे है।   जिंदगी की हर खुशी , हुजूर , तुमसे है।     * हेम _ राज*