“सरकारी नौकरी - भाग-2” (Sarkari Naukari - Part-2)

 सरकारी नौकरी लगी है भाई की,

वो आज पहली बार, घर से दूर जा रहा है,

हमे नजर आ रहे है वो आँसू उसके,

जो वो सबसे छुपा रहा है...

सरकारी नौकरी करने, भाई दूर जा रहा है...

 

देखो, माँ की आंखे भी हो गयी है नम,

उनकी आंखो का मानो, नूर जा रहा है,

सरकारी नौकरी करने, भाई दूर जा रहा है...

 

पापा को देखो, कितने शांत खड़े है,

कोई लेकर उनका, गुरूर जा रहा है,

सरकारी नौकरी करने, भाई दूर जा रहा है...

 

यूं तो साथ सभी है, यहा परिवार में,

फिर भी हमे, करके तन्हा भरपूर जा रहा है,

सरकारी नौकरी करने, भाई दूर जा रहा है...

 

हमेशा फॅमिली में रहा, अकेलेपन से अंजान वो,

अपने लिए करके, हर दुख मंजूर जा रहा है,

सरकारी नौकरी करने, भाई दूर जा रहा है...

 

जो अपनी हर बात मनवाता रहा है जिद से,

आज होकर कितना, मजबूर जा रहा है,

सरकारी नौकरी करने, भाई दूर जा रहा है...

 

बहुत जी लिया हमने गुमनानि में,

हम सबको करने, अब वो मशहूर जा रहा है,

 सरकारी नौकरी करने, भाई दूर जा रहा है...

 

 

*हेम_राज*

 

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