चलो आज फिर दिल की बात करते हैं... (Chalo aaj fir dil ki baat karte hain...)

 

चलो आज फिर दिल की बात करते हैं,

कहीं से तो शुरुआत करते हैं,

चलो आज फिर दिल की बात करते हैं...

 

तुम घर पर झूठ बोल कर आना,

इंदिरा बाजार में कहीं मुलाकात करते हैं,

चलो आज फिर दिल की बात करते हैं...

 

क्यों मनाना ऐसे रिश्तेदारों को,

जो हर बात में जात-पात करते हैं,

चलो आज फिर दिल की बात करते हैं...

 

तुम बताओ तो सही, तुम्हें क्या चाहिए..?

 आओ तुम्हारे लिए पसंद कुछ जेवरात करते हैं,

चलो आज फिर दिल की बात करते हैं...

 

तुम ही बताओ हम क्या करे..?

तुम व्यस्त जो रहते हो दिन भर,

तभी तो हम तुमसे बात, सारी-सारी रात करते हैं,

चलो आज फिर दिल की बात करते हैं...

 

 

*हेम_राज*

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