चलो तुम रूठो, मैं तुम्हे मनाऊं... (Chalo tum rutho, mein tumhe manayun...)

कोई शेर लिखूं,
गजल पढूं,
या कोई शायरी 
तुम्हे सुनाऊं...
चलो तुम रूठो, मैं तुम्हे मनाऊं...

तुझे फोन करूँ,
विडियो कॉल करूँ,
या तेरी फ़ोटो से ही बतलाऊं...
चलो तुम रूठो, मैं तुम्हे मनाऊं...

कोई तोहफ़ा ख़रीदूँ,
गुलाब भेजू ,
या खुद सामने आ जाऊँ...
चलो तुम रूठो, मैं तुम्हे मनाऊं...

तुझे गले लगाऊँ,
गौद में उठालूँ,
या ख़ुद तुझमे खों जाऊँ....
चलो तुम रूठो, मैं तुम्हे मनाऊं...

 

 

*हेम_राज*


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