मेरी बिटिया रानी... (Meri Bitiya Rani)

 

प्यारी सी बिटिया मेरी जब मुस्कुराती है...

गम पास नहीं आता, चारों ओर खुशियां छा जाती है...

प्यारी सी बिटिया मेरी जब मुस्कुराती है...

 

करती है बस अपनी मनमानी, सारी बातें वो अपनी मनवाती है,

ना मानो जो बात कोई उसकी, जल्दी ही रूठ जाती है...

 

अपनी नई किताब-कॉपियों में लकीरें वो खींच जाती है,

मना करने पर वो कुछ पन्ने भी फाड़ जाती है...

 

भूत का डर दिखाकर पहले मैं उसको सुलाता था,

अब बनाकर टेढ़े-मेढ़े मुंह, भूत बनकर वो मुझे डराती है...

 

जब भी बाहर जाते हैं कहीं, मेरी उंगली पड़कर चलती है,

और घर में देखो वो अकेले, धूम कितनी मचाती है...

 

मेरे चेहरे से समझ जाती है प्यार है या गुस्सा मेरा,

थोड़ा भी तेज आवाज में बोलूं, तो आंखें उसकी भर आती है...

 

जब बोलूं प्यार से उसे, ओ मेरे राजा बेटा,

आकर पास वो मेरे सीने से लग जाती है..

 

घर आंगन में मेरे, खुशियां ही खुशियां छा जाती है,

प्यारी सी बिटिया मेरी जब मुस्कुराती है...

 

 

 

*हेम_राज*

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