मेरी जाना, जानू, जान... (Meri Jaana, Jaanu, Jaan...)
तुमसे मिलने जाना, हम जिस पहर जाते है,
उस पल में जान, हम भी ठहर जाते है..!!
तेरी निगाहे है कातिल, क्या कहना उनका भी,
तेरी आंखों से ही पी, हम वो जहर जाते है..!!
तेरी मुस्कान भी जाना, हमें दीवाना करती है,
तेरे लब भी ढाए, हम पर कहर जाते है..!!
जिस पोखर में तूने, धोए थे पांव अपने,
हम भी पीने पानी, अक्सर उस नहर जाते है..!!
मिलने तुमसे जाना, हम जिस पहर जाते है,
उस पल में जान, हम भी ठहर जाते है..!!
*हेम_राज*
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